पसीना आया

देख कर उसको यारो
कुछ हमे यूँ आया

जैसे कट लग गया हो बिजली का
अंदर बैठे हुए

सिलसिला आगे बढेगा मौहब्बत का
इजहार करने से

कुछ नहीं होगा खाव लेने से
यूँही बस लेटे हुए

     ------ मिलाप सिंह भरमौरी

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