बहुत दिनों से उनसे बात नहीं हुई है। बादल तो बहुत आए, पर बरसात नहीं हुई है। ये बरसेंगे जरूर मेघ और बुझेगी तिशनगी भी। अभी हवाओं की नमी से ,उस कद्र मुलाकात नहीं हुई है। .....
मिल जाए कोई चीज तो कद्र घट जाती है । पर जब पास न हो तो वो बहुत भाती है। इसलिए तो हम दूर रहते है तुमसे हमेशा जब दूर होते हो तुम तो तुम्हारी याद बहुत आती है । ...... मिलाप सिंह भरमौरी
आंसुओं को आंखों में दबाया नहीं करते हर घडी किसी को यूँ रुलाया नहीं करते खुद ही समझ जाते हैं कद्र करने वाले 'मिलाप' यूं प्यार को बार बार जताया नहीं करते ------ मिलाप सिंह भरमौरी