बहुत दिनों से उनसे बात नहीं हुई है।
बादल तो बहुत आए, पर बरसात नहीं हुई है।
ये बरसेंगे जरूर मेघ और बुझेगी तिशनगी भी।
अभी हवाओं की नमी से ,उस कद्र मुलाकात नहीं हुई है।
रस्ता कब कहता चल मुझ पर तू ईश्वर कब कहता भज मुझको तू मंजिल को पाने के लिए खुद चलना पडता है अवसाद मिटाने के लिए उसको भजना पडता है ..... मिलाप सिंह भरमौरी शुभ संध्या दोस्तो ......
हर बात घूमाना ठीक नहीं कभी सीधी - सी भी कह दो न। कब तक आएं पीछे- पीछे कभी साथ हमारे भी चल दो न। कुछ बातें करेंगें आधी - अधूरी ख़ामोशी -सी कुछ मजबूरी। कुछ पल के साथ की चाहत है कुछ गल...
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