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सम्मान

न सरहद पर वह शहीद हुआ था। और न ही आजादी की लडी लडाई थी। नेता इसलिए बन गया वो कई बार क्योंकि उसने जनता मूर्ख बनाई थी। अगर अपना पैसा नहीं लगाया उसने तो उसे मुफ्त का इतना सम्मान क...

वो तो ठीक ही लगता है

वो तो ठीक ही लगता है। पर तुझको ही बस खलता है। लगता है ऐ दिल मेरे तू ही। उस शक्स से शायद जलता है। .......... मिलाप सिंह भरमौरी

मेरा मेरी

देखकर उनकी मेरा मेरी को। दिल अपना 'मिलाप' यह कहता है । दो बिल्लियों के झगडे में यहां। हमेशा बंदर ही फायदे में रहता है। .......... मिलाप सिंह भरमौरी

मुझको सताने वाले

मुझे सताने वाले शुक्रिया तेरा खुदा करे घर तेरा आबाद रहे। दर्द कितना होता है किसी को सताने से एहसास ता उम्र मुझको भी याद रहे।    ....... मिलाप सिंह भरमौरी

सताने भी आएंगे

पूछ कर हाल बहाने से लोग सताने भी आएंगे। याद दिला कर लम्हों की एहसान जताने भी आएंगे। तू सोचना मत ज्यादा बदले हुए चेहरे देखकर । जब बढोगे मंजिल की तरफ लोग गिराने भी आएंगे। ..... मि...

तीन तलाक

खत्म हुआ महिलाओं से मजाक। अब नहीं रहा भारत में तीन तलाक। आजादी के बाद यह ऐतिहासिक मौका है। खुशकिस्मत हैं हम जिन्होने यह दिन देखा है।         ........ मिलाप सिंह भरमौरी

काम कोई भी आसान नहीं होता

         काम कोई भी इतना  आसान नहीं  होता है।     पर सफल व्यक्ति कभी परेशान नहीं होता है।     बस अपनी मंजिल ही दिखाई देती है उसको ।     राह की ठोकरों पर उसका ध्यान नहीं होता है। ...

मलाल होता है

            उनका ही हर पल ख्याल होता है ।            कैसे होंगे वो मन में सबाल होता है ।            जब दूरियां सताती है कुछ मौकों में ।            तो दूर होने का बहुत मलाल होता है...

मटका

आधा ज्यादा वक्ता है लेकिन पूरा चुप रहता है समझो तो इँसान भी है न समझो तो बस मटका है ....... मिलाप सिंह भरमौरी

बात नहीं करते हो

बात नहीं करते हो कुछ भी। अच्छी नहीं लगती चुप सी । इक मौसम का कोई पता नहीं है। और समझ नहीं आते हो तुम भी। ......... मिलाप सिंह भरमौरी

पहचान का

नया नया चाहने वाला है जरूर जान का ही होगा। पके बाल है उसके ले लेते हैं मशवरा काम का ही होगा। कोई ओर नहीं आएगा यहां तुझे गिराने के लिए। जब भी कोई धक्का देगा वंदा पहचान का ही होग...

अलगर्जीपन

सोचें तो कौन परेशान नहीं होता है। बस अपने सिबाए ध्यान नहीं होता है। थोडा सा अलगर्जीपन भी जरूरी है जीवन में ज्यादा सोचने से कोई काम आसान नहीं होता है।      .......... मिलाप सिंह भरमौ...

लाभ हानि के चक्कर में

देखा है मैंने अक्कसर ये है सब लाभ हानि के चक्कर में मांग रहा है हर कोई ओर ज्यादा ढूंड रहा है चीनी शक्कर में क्यों सोने के वस्न सिलाता जाता आता तो है रोज वो खद्दर में तृष्णा तू ...

दिल आखिर चाहता क्या है

यह दिल आखिर चाहता क्या है सकून का असली रास्ता क्या है। उसको तो चाहिए बस अपनी ही खुशी तेरे दर्द से उसको वास्ता किया है । नरम लफ्जों में भी जाल घने हैं उसकी मक्कारी को तू जानता ...

मौहाबत को निभाएगें मर कर भी।

वो कहते थे मौहाबत को निभाएगें मर कर भी। जिया जाता है इस जहां में भला डर कर भी।  वादा करते थे कभी वो उम्र तक साथ निभाने का पर वक्त क्या बदला देखा ही नहीं हमें मुडकर भी।           ....

किचन शायरी

अपनी गलती का पता चलते ही उसे जल्दी से सुधार लेना चाहिए। क्योंकि आगे चलकर रास्ते ओर भी जटिल हो जाते हैं। ठीक वैसे ही जैसे रात के छोडे हुए बर्तन सुबह कठिनाई से साफ होते हैं । ल...

उनके एक खाव से

उनके एक खाव से खुशियाँ हजार आती हैं मन के कोने कोने में कलियां निखार पाती हैं लफ्जों में जिक्र मुश्किल है उनकी हर अदा का उनके मुस्कुराने से दिल में बहार आती है ------ मिलाप सिंह ...

यह उम्मीद भी

यह उम्मीद भी कितनी प्यारी है सौ बोतल षकी इसमें खुमारी है तुझको शायद कुछ पता नहीं है और यह कहती है कि तू हमारी है -------- मिलाप सिंह भरमौरी

तू आ रही है

तू आ रही है दूर से ही इक खुशबू सी आ जाती है तेरी आहट दिल के दरवाजे को तस्सवुर से ही छू जाती है जैसे जन्नत की बहार होती है जब तक तू मेरे साथ होती है तेरे बिछुड जाने के पल जैसे सहरा ...

पाल पोष कर बडा किया

पाल पोष कर बडा किया बाप मेहनत मजदूरी से पढा रहा है और देखो इस नालायक को बाजार में लडकियों के पीछे मार खा रहा है ------------ मिलाप सिंह भरमौरी