तू आ रही है

तू आ रही है
दूर से ही इक खुशबू सी आ जाती है

तेरी आहट दिल के दरवाजे को
तस्सवुर से ही छू जाती है

जैसे जन्नत की बहार होती है
जब तक तू मेरे साथ होती है

तेरे बिछुड जाने के पल
जैसे सहरा से जलती हुई लू आती है

------------- मिलाप सिंह भरमौरी हिंदी

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