अगर हम रोज डियूटी के लिए साईकिल से जाएंगे । तो सोचो जीवन में कितना ही पैट्रोल बचाएंगे। एक तो बचेगा पैसा ढेर सारा दूजा शरीर भी रहेगा फिट हमारा। और इस प्यारी सी प्रकृति को भी ...
हर छल को अपनाते हो फिर भी खुद को साफ बताते हो। थोडा तो समझ हमें भी आता है जो सबको तुम समझाते हो। जरूर गलत होंगे वो भी बेशक यह स्वीकार हर्ष से करता हूँ। पर दोस्त तुम भी वैसे हो नह...
जिसमें अपने आएं ही न मौका वो शानदार नहीं होता है। गरीबों को भ्रमाने वाला तो कोई जानदार नहीं होता है। सब कहने की बातें है साहिब तुम इन्हें ढकी ही रहने दो। पढा लिखा हर इंसान द...
जब रास्ता न दिखाई दे तो रुक जाना चाहिए। खतरा हो सिर फूटने का तो झुक जाना चाहिए। अरे गलत राय बनेगी तेरी उल्टी सीधी बातों से । जब कुछ भी समझ न आए तो चुप हो जाना चाहिए। ...... मिलाप सिं...
यूंही बेकार बैठे हैं चलो इक काम करते हैं। जम चुकी है बहुत धूल मन को साफ करते हैंं। भला अब रखा ही क्या है उन बेकार की बातों में। छोडते हैं दुश्मनी को सब को माफ करते हैं। ...... मिलाप ...
नया नया चाहने वाला है जरूर जान का ही होगा। पके बाल है उसके ले लेते हैं मशवरा काम का ही होगा। कोई ओर नहीं आएगा यहां तुझे गिराने के लिए। जब भी कोई धक्का देगा वंदा पहचान का ही होग...
बहुत दिनों से उनसे बात नहीं हुई है। बादल तो बहुत आए, पर बरसात नहीं हुई है। ये बरसेंगे जरूर मेघ और बुझेगी तिशनगी भी। अभी हवाओं की नमी से ,उस कद्र मुलाकात नहीं हुई है। .....
मिल जाए कोई चीज तो कद्र घट जाती है । पर जब पास न हो तो वो बहुत भाती है। इसलिए तो हम दूर रहते है तुमसे हमेशा जब दूर होते हो तुम तो तुम्हारी याद बहुत आती है । ...... मिलाप सिंह भरमौरी
कभी हां करते है कभी मुकर जाते हैं। कितने ही खूबसूरत पल यूंही गुजर जाते हैं। जरूरी तो नहीं है कि सब बर्बाद ही होते हैं मोहाबत में प्यार अगर सच्चा हो तो बिगडे हुए भी सुधर ज...
मैं तुझको पाने के सपने देखता हूँ। हर चेहरे में खास अपने देखता हूँ। क्या हकीकत में मिल जाओगे तुम मुझको या यूंही मैं खाव अपने बेचता हूँ । ......... मिलाप सिंह भरमौरी
मुस्कुराहट तेरे होठों की दिल को छू जाती है खामोशी तेरे चेहरे की अंदर तक रुलाती है बहुत ढूंढ लिया सुकून को जगह जगह पर जाकर के पर राहत के मकाम की तुझ तक ही राह जाती है ..... मिलाप सि...
तमाशे की तरह दिखना क्या अनमोल होकर कोडी के भाव बिकना क्या अरे इज्जत से रहो सबको इज्जत देकर यूहीं छेडख़ानी करके सरे बाजार पिटना क्या -------- मिलाप सिंह भरमौरी
मौहब्बत तो बहुत है उनसे पर बताएं कैसे किस कद्र करते हैं कदर उनकी दिल दिखाएं कैसे जी तो करता है कि कर दें ब्यान सब जो भी दिल तन्हाई में कहता है पर इक पर्दा सा गिरा है रुसवाई का इ...
आंसुओं को आंखों में दबाया नहीं करते हर घडी किसी को यूँ रुलाया नहीं करते खुद ही समझ जाते हैं कद्र करने वाले 'मिलाप' यूं प्यार को बार बार जताया नहीं करते ------ मिलाप सिंह भरमौरी