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Showing posts with the label मिलाप सिंह की शायरी

मलाल होता है

दूर रहने का मलाल होता है। बसल का हर लम्हा कमाल होता है। क्या तुम भी रहते हो उदास इस तरह... बिछुड़ के तुमसे मेरा जो हाल होता है।          .....… मिलाप सिंह भरमौरी

वो तो ठीक ही लगता है

वो तो ठीक ही लगता है। पर तुझको ही बस खलता है। लगता है ऐ दिल मेरे तू ही। उस शक्स से शायद जलता है। .......... मिलाप सिंह भरमौरी

मेरा मेरी

देखकर उनकी मेरा मेरी को। दिल अपना 'मिलाप' यह कहता है । दो बिल्लियों के झगडे में यहां। हमेशा बंदर ही फायदे में रहता है। .......... मिलाप सिंह भरमौरी

मुझको सताने वाले

मुझे सताने वाले शुक्रिया तेरा खुदा करे घर तेरा आबाद रहे। दर्द कितना होता है किसी को सताने से एहसास ता उम्र मुझको भी याद रहे।    ....... मिलाप सिंह भरमौरी

मत लडो दोस्तो आपस में

मत लडो दोस्तो आपस में। पेच बडे हैं सियासत में। उनको न कोई फर्क पडेगा क्यों फसते हो खुद आफत में। अपने काम से काम रखो बदलाब करो थोडा आदत में। कोई भी न काम आएगा छोड जाएंगे तेरी ह...

काम कोई भी आसान नहीं होता

         काम कोई भी इतना  आसान नहीं  होता है।     पर सफल व्यक्ति कभी परेशान नहीं होता है।     बस अपनी मंजिल ही दिखाई देती है उसको ।     राह की ठोकरों पर उसका ध्यान नहीं होता है। ...

मलाल होता है

            उनका ही हर पल ख्याल होता है ।            कैसे होंगे वो मन में सबाल होता है ।            जब दूरियां सताती है कुछ मौकों में ।            तो दूर होने का बहुत मलाल होता है...

बेवजह मजबूर

      ख्बाईशें इसलिए भी इंसान की पूरी नहीं होती ।    क्योंकि चीज वो भी मांगता है जो जरूरी नहीं होती ।      एक के बाद एक अपनी इच्छाओं को बढा लेता है।     बेवजह मजबूर होता है लेकि...

समाजसेवा

                            ये छल से करते हैं जन से               या मेरी मति अधूरी है।                  स्पष्ट कह देता हूँ सब              इसलिए तो सबसे दूरी है।               ...

दो तरफा

              बात तेरी हैरान करती है।               मन में पैदा तुफान करती है।                दिल कहता है कुछ ओर तेरा                पर कुछ ओर जुवान कहती है।               प्यार है त...

शक का बादल

        यूंही तो नहीं चलती है हवा।        कहीं न कहीं तो फर्क है बना।           रिश्तों में प्यार न बरसेगा        शक का जहां बादल है घना।        झुकने के सिबा कुछ भी नहीं         ...

कच्चा नहीं होता

             हर आम हरा कच्चा नहीं होता।              जो कोलेज जाए बच्चा नहीं होता।             भारी पड जाता है कभी न कभी             नशा गरूर का अच्छा नहीं होता।               ...

आसान नहीं है

अभी दिन है कोई शाम नहीं है अँधेरों का दूर तक नाम नहीं है चलो देते हैं कोई बेतुका सा व्यान कई दिनों से शहर में बवाल नहीं है कुछ करें तो कदम रोक देते हैं और न करें तो कहते हैं काम न...

जो होता है उसे होने दो

जो होता है उसे होने दो । अभी मन को आराम से सोने दो। खाली पडे हैं खेत कर्म के उसे मनचाहा बीज बोने दो। देखते हैं क्या उगता है उसमें अभी समय को आगे होने दो। आँखो में सब साफ दिखेगा इ...

बात नहीं करते हो

बात नहीं करते हो कुछ भी। अच्छी नहीं लगती चुप सी । इक मौसम का कोई पता नहीं है। और समझ नहीं आते हो तुम भी। ......... मिलाप सिंह भरमौरी

पहचान का

नया नया चाहने वाला है जरूर जान का ही होगा। पके बाल है उसके ले लेते हैं मशवरा काम का ही होगा। कोई ओर नहीं आएगा यहां तुझे गिराने के लिए। जब भी कोई धक्का देगा वंदा पहचान का ही होग...

अलगर्जीपन

सोचें तो कौन परेशान नहीं होता है। बस अपने सिबाए ध्यान नहीं होता है। थोडा सा अलगर्जीपन भी जरूरी है जीवन में ज्यादा सोचने से कोई काम आसान नहीं होता है।      .......... मिलाप सिंह भरमौ...

दिल आखिर चाहता क्या है

यह दिल आखिर चाहता क्या है सकून का असली रास्ता क्या है। उसको तो चाहिए बस अपनी ही खुशी तेरे दर्द से उसको वास्ता किया है । नरम लफ्जों में भी जाल घने हैं उसकी मक्कारी को तू जानता ...

मौहाबत को निभाएगें मर कर भी।

वो कहते थे मौहाबत को निभाएगें मर कर भी। जिया जाता है इस जहां में भला डर कर भी।  वादा करते थे कभी वो उम्र तक साथ निभाने का पर वक्त क्या बदला देखा ही नहीं हमें मुडकर भी।           ....

रूमाल

कैसी हालत है मेरी तेरे बिन,, तुझको कुछ एहसास नहीं है।। जैसे नाक बह रही है महफिल में, और रुमाल पास नहीं है।।   ...... मिलाप सिंह भरमौरी