नदी किनारे बैठ के Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 02, 2015 मैं नदी किनारे बैठ के सोचूँ कितनी ही सुंदर है मेरी जान। पानी की लहरें तो कुछ भी नहीं है इनसे तो सुंदर है तेरी मुस्कान। ------- मिलाप सिंह भरमौरी Read more