Posts

Showing posts with the label milap singh shayari

कामयाबी

नशा कोई भी हो सरूर आ ही जाता है। उठी हुई नजर में  कसूर आ ही जाता है। सच में... हैरान नहीं हूँ कुछ भी मैं तेरे लफ़्ज़ों पर कामयाबी पे सबको गरूर आ ही जाता है। ........ मिलाप सिंह भरमौरी।

हार नहीं होती

बिना हाथ चलाए कभी नैइया पार नहीं होती काट सके सच्ची लगन को ऐसी कोई धार नहीं होती चाह रख मंजिल को पाने की दिल में हमेशा क्योंकि चाहने वालों की कभी हार नहीं होती क्योंकि चाहन...

Jab bhi yad aati hai

जब भी याद  आती है तो दिल  उदास होता है तुमसे दूर होने का  बहुत बुरा एहसास होता है जैसे मुझे काटने को आती है ये दिवारे घर की और फिर चुपके से यह मासूम पूरी रात रोता है         ............ मि...

सूख चुके हैं पत्ते

कई बार मन में यह ख्याल आते हैं चलो इक बार फिर उस मोड पर जाते हैं ______________________________ याद कर के उन हसीन लम्हों को तन्हाई में कुछ पल फिर से मुस्कुराते हैं ______________________________ सूख चुकी है मिट्टी तपन है अब हर ओर ...

Aapko nhi pata

तुझे नहीं पता कितना चाहते हैं तुझको आप ही लगते हैं दूर से देखते है जिसको तेरा ही ख्याल रहता है हरपल मेरे दिल में क्या कभी सच में तुम भी चाहोगी मुझको ..... मिलाप सिंह भरमौरी

Apana samajh lete hai

फिर अपना ही समझ लेता हूँ तुझको अनजाने में ही अगर देख लो तुम मुझको न जाने क्या क्या खाब सजा लेता हूँ फिर मैं कोई बात अगर कर लो मुझसे तुम तो                     ....मिलाप सिंह भरमौर...

Sab tere habale

सब तेरे हवाले कर रखा है जो भी कर तु तेरी मर्जी कुछ मांगूगा गर तुमसे तो वो होगी मेरी खुदगर्जी बदल के रख दूँ तुफानों को एेसी भी  मैं ढाल नहीं हूँ पर्वत का सीना चीर के रख दूँ तिनक...

Vada to kar baithe ho

वादा तो कर बैठे हो तुम निभाओगे क्या सच में बहुत कठिन है राह उल्फत की चल पाओगे क्या सच में बडे हसीन लगते है नजारे जब देखते है बैठ के किनारे बहुत गहरा है समुंद्र इश्क का उतर पाओ...

Sach kehne se

दिल दुख जाता है सच कहने से पर झूठ को कैसे बिन पांव के चलने दें ठोक के कह दे बात हकीकत तू सबसे  फिर जलते हैं कुछ लोग तो बेशक जलने दे        ....... मिलाप सिंह भरमौरी

Mehnat rang layegi

मेहनत रंग लाएगी एक दिन जरूर देखा है तेरे चेहरे पर अजब सा मैंने नूर भूल मत जाना फिर अपने दोस्तों को तुम और आने मत देना खुद में जरा भी गरूर ..... मिलाप सिंह भरमौरी

Mat kar pyar

मत कर प्यार मुझसे अंजाम अच्छा न रहेगा मेरा ही दिल मुझको फिर सच्चा न कहेगा पा भी लूं तुझको तो क्या दूंगा अँधेरों के सिवा इस तरह फूलों से भरा तुझको रास्ता न मिलेगा ...... मिलाप सिं...

Kudrat ki maya

शीतल , शुद्ध हवा चले सुखदायी है पेडों की छाया हरियाली की चादर ओढे यही तो है कुदरत की माया ...... मिलाप सिंह भरमौरी

Hal puchoge

रोज  सोचता  हूँ मैं कभी  तो तुम  सवाल पूछोगे किसी  बात  के  मसले पर मेरा  भी  ख्याल  पुछोगे अजनबी  से  भी  मिलते  हो बडी  खुलूसीयत  सले तुम मिलोगे  कल  मुझसे  जब तो क्या  मे...

Mohabat kar lun

तुझको अपनी आँखो में भर लूं जी करता है मौहावत कर लूं ये पलकों की हरकत क्या कहती है मैं रूह से तेरे चेहरे को पढ लूं          ..... मिलाप सिंह भरमौरी

Yaden

कुछ बातें बहुत सताती हैं ! जब तन्हाई में याद आती हैं ! बडी शर्म सी  आती है खुद पर ! जब बीते हुए लम्हे याद दिलाती है ! ...मिलाप सिंह भरमौरी

Sakoon rehta

काश न चाहते कुछ भी उनसे,, न जाते खावों में उनसे मिलने.!! न होती आज बेवसी सी हरपल,, सकून रहता आराम से दिल में!!! ..... मिलाप सिंह भरमौरी

Najar ka asar

यह असर है बस इक तेरी नजर का जो दे गई काम मुझे जिंदगी भर का उलझा दिया उसे तूने रिश्तों के भंवर में जो भूल जाता था अक्कसर रास्ता अपने घर का ... मिलाप सिंह भरमौरी

Dil karta hai

दिल करता है कभी कभी कि दिल को संभाल लूँ करता है परेशान हरपल जो उस नाम को निकाल दूँ अजीब सी हालत हो गई है उससे मिलने के बाद मेरी उसी का नाम आता है जुवां पे चाहे किसी का भी नाम लूँ ...

Har pal

बडे लम्बे होते है तेरे इंतजार के पल तकते रहते हैं तेरा रस्ता हर पल जब भी होती है थोडी सी आहट दिल में होने लगती है अजीब सी हलचल ..... मिलाप सिंह भरमौरी

भज

रस्ता कब कहता चल मुझ पर तू ईश्वर कब कहता भज मुझको तू मंजिल को पाने के लिए खुद चलना पडता है अवसाद मिटाने के लिए उसको भजना पडता है ..... मिलाप सिंह भरमौरी शुभ संध्या दोस्तो ......