Ik aas hai Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 02, 2015 इक आस है तुझसे मिलने की। दुख -सुख दिल के कहने की।। छोड के तेरी ठंडी छाया को। जो देती है हिम्मत जलने की।। ------- मिलाप सिंह भरमौरी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
ख्वाईश April 19, 2015 खवाईशें कितनी ही पालता है इंसान खुद को न जाने क्या मानता है इंसान आने वाले पल का कोई भरोसा ही नहीं और दूर तक जीने की सोचता है इंसान --------- मिलाप सिंह भरमौरी Read more
रूमाल January 19, 2017 कैसी हालत है मेरी तेरे बिन,, तुझको कुछ एहसास नहीं है।। जैसे नाक बह रही है महफिल में, और रुमाल पास नहीं है।। ...... मिलाप सिंह भरमौरी Read more
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