यादों में Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 20, 2015 तू यादों में आती है जब सामने आ जाता है सब मेरी आँखो में तैरता है तेरे साथ बिताया लम्हा हर पता नहीं क्या खता हुई थी जो बिखर गए वो लम्हें सब ........ मिलाप सिंह भरमौरी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
ख्वाईश April 19, 2015 खवाईशें कितनी ही पालता है इंसान खुद को न जाने क्या मानता है इंसान आने वाले पल का कोई भरोसा ही नहीं और दूर तक जीने की सोचता है इंसान --------- मिलाप सिंह भरमौरी Read more
रूमाल January 19, 2017 कैसी हालत है मेरी तेरे बिन,, तुझको कुछ एहसास नहीं है।। जैसे नाक बह रही है महफिल में, और रुमाल पास नहीं है।। ...... मिलाप सिंह भरमौरी Read more
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