Dhoop Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 28, 2016 सर्दी में धूप प्यारी और गर्मी में छाया सुख को ही तकती है ये मिट्टी की काया अनुकूलता चाहे कण कण इस जग के पोषण को बिखर जाएंगे टूट टूट के जो है पाले जवर का साया ........ मिलाप सिंह भरमौरी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
ख्वाईश April 19, 2015 खवाईशें कितनी ही पालता है इंसान खुद को न जाने क्या मानता है इंसान आने वाले पल का कोई भरोसा ही नहीं और दूर तक जीने की सोचता है इंसान --------- मिलाप सिंह भरमौरी Read more
रूमाल January 19, 2017 कैसी हालत है मेरी तेरे बिन,, तुझको कुछ एहसास नहीं है।। जैसे नाक बह रही है महफिल में, और रुमाल पास नहीं है।। ...... मिलाप सिंह भरमौरी Read more
Comments
Post a Comment