उलझन Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 04, 2017 उडकर कहां जाओगे पेड की डाल से। आकर्षण बहुत गहरा है उलझन की जाल में । प्यासा सा है मन और भूख भी बढी सी है। पुलाव बहुत पकते हैं सब लेकिन बस ख्याल में। ....... मिलाप सिंह भरमौरी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
ख्वाईश April 19, 2015 खवाईशें कितनी ही पालता है इंसान खुद को न जाने क्या मानता है इंसान आने वाले पल का कोई भरोसा ही नहीं और दूर तक जीने की सोचता है इंसान --------- मिलाप सिंह भरमौरी Read more
रूमाल January 19, 2017 कैसी हालत है मेरी तेरे बिन,, तुझको कुछ एहसास नहीं है।। जैसे नाक बह रही है महफिल में, और रुमाल पास नहीं है।। ...... मिलाप सिंह भरमौरी Read more
Comments
Post a Comment