अदबात Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 02, 2020 हर दाव से ज्यादाइक शराफत हमपे भारी है।अदावत करोगे हमसेऔकात क्या तुम्हारी है।उसपे असर क्या करेगीबता अंजाम की बातें,जिसने तमाम जिंदगी अपनीइक साईकिल पे गुजारी है।.....मिलाप सिंह भरमौरी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
मुश्किल October 13, 2019 धूल जमी हो पर्दे पर तो उसको झाड़ा जा सकता है। धूमिल पड़ चुकी परिपाटी को फिर से निखारा जा सकता है। निराश न हो गर गलत हो गया, शायद तजुर्बा कच्चा था। कुछ भी नहीं मुश्किल है यहाँ... Read more
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