मीठी- सी मुस्कान तेरी बहुत तंग करती है। क्या हैं मायने इसके जहन में जंग करती है। तेरा मिल जाना रोज राहों में इत्तफाक भी हो सकता है। मगर यह ख्वाहिश यूँही मोहब्बत के रंग भरती ...
ऐ दिल सुन कुछ सोचा भी है कहने से पहले। या यूंही बकवास प्रवचन दिया है। भई बातें करना तो बडा आसान है पर क्या कभी खुद पर भी अमल किया है। ........ मिलाप सिंह भरमौरी
कोई ज्यादा कोई थोड़ा है। पर हर शक्श मगर भगौड़ा है। दौड रहा है पत्थरीली डग पे फिर भी गरीब का जोड़ा है। कोई फ़र्ज़ से भाग रहा यहां कोई बना जहन से घोड़ा है। भ्रमित कर रहा हर चक...
हर बात पे सोचा करते हो। क्यों जज़्बात को रोका करते हो। कोई करता है तुमपे गौर यहां किस दुनिया में तुम रहते हो। तपती हुई सी रेत है हरसू क्या पानी बनकर बहते हो। पार करोगे कैसे ...
हर वक़्त यूं ही न सोचा करो। कभी मन को भी टोका करो। अनदेखे हुए कल के खातिर अपने आज से न धोखा करो। जहां जो भी है बस आज है तुम बर्बाद न यह मौका करो। सबक कई हैं अगल -बगल में इन्हें द...