खवाईशें कितनी ही पालता है इंसान खुद को न जाने क्या मानता है इंसान आने वाले पल का कोई भरोसा ही नहीं और दूर तक जीने की सोचता है इंसान --------- मिलाप सिंह भरमौरी
जब कोई महिला प्रसव के लिए अस्पताल में आती है एक से बढकर एक महारती की लाइन सी लग जाती है चपरासी हो या सफाई कर्मचारी नर्स हो या असली डाक्टर हर कोई हाथ डालने लग जाता है उनको इस प्...
बदलते रिश्ते -------------- सफ़ेद बाल सफ़ेद धब्बेदार त्वचा थी चेहरे की झूरियाँ उसकी उम्र बता रही थी झुका हुआ शरीर काँपते हुए डंडे पर थमा था इक लंबा सफर मानो आँखों के गड्डों में छुपा था ब...
मौसम ने बेईमानी की है बिन मौसम के बारिश की है किसी को गर्मी से राहत है किसी की हालत पतली की है कैसे पकेगी किसान की फसलें सब्जियाँ भी खूब बर्बाद की हैं अपने ही दिल की करता है वो ...
जिंदगी इक खेल है कोई पास है कोई फेल है। किस्मत उछाला सिक्का है कभी हैड है कभी टेल है। किसको यहां पर क्या मिला सब दम खम की देन है। हर मोड पर है कतारे यूं वर्ल्ड कप टिकट की सेल है।...
तेरे प्यार की खुशबू ओर भी बढ जाती है जब खिडकी के बाहर से बारिश की आवाज आती है प्यार से भीग जाता है दिल का कोना- कोना तेरी इक इक बात मेरी धडकन को महकाती है ------ मिलाप सिंह भरमौरी
थोडा उत्सुक हूँ ,थोडा डर रहा हूँ । तेरे आने का इंतजार कर रहा हूँ । उछाल कर के सिक्का ख्वाबों का । मैं अपनी किस्मत को पढ रहा हूँ । -------- मिलाप सिंह भरमौरी