न सरहद पर वह शहीद हुआ था। और न ही आजादी की लडी लडाई थी। नेता इसलिए बन गया वो कई बार क्योंकि उसने जनता मूर्ख बनाई थी। अगर अपना पैसा नहीं लगाया उसने तो उसे मुफ्त का इतना सम्मान क...
चर्चे तेरी बुलंदियों के आम हैं। तेरी इक झलक के लिए शहर जाम हैं। दुश्मनों की तो हम बात मानते हैं। लेकिन ये कुछ दोस्त भी क्यों परेशान हैं। ......... मिलाप सिंह भरमौरी
अगर हम रोज डियूटी के लिए साईकिल से जाएंगे । तो सोचो जीवन में कितना ही पैट्रोल बचाएंगे। एक तो बचेगा पैसा ढेर सारा दूजा शरीर भी रहेगा फिट हमारा। और इस प्यारी सी प्रकृति को भी ...
हर छल को अपनाते हो फिर भी खुद को साफ बताते हो। थोडा तो समझ हमें भी आता है जो सबको तुम समझाते हो। जरूर गलत होंगे वो भी बेशक यह स्वीकार हर्ष से करता हूँ। पर दोस्त तुम भी वैसे हो नह...
जिसमें अपने आएं ही न मौका वो शानदार नहीं होता है। गरीबों को भ्रमाने वाला तो कोई जानदार नहीं होता है। सब कहने की बातें है साहिब तुम इन्हें ढकी ही रहने दो। पढा लिखा हर इंसान द...