बेबी कविता

छोटा बेबी गया रसोई
रसोई में न जब देखा कोई

देख के चीनी बेबी ललचाया
मुँह में उसके पानी आया

बेबी ने चीनी खाने की सोची
अलमारी पर चडने को कुर्सी खींची

चीनी का डिब्बा हाथ से फिसला
नीचे गिरा धडाम

आवाज सुनकर मम्मी आ गई
चांटा पडा चपाट

      ------ मिलाप सिंह भरमौरी

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