बचपन में हम संग संग खेले
स्कूल में भी साथ साथ पढे
और अब अच्छे पडौसी की तरह
सुख दुख में संग संग रहते हैं
हिन्दू और मुस्लिम दुश्मन है
क्यों कुछ देशों के लोग कहते हैं
रस्ता कब कहता चल मुझ पर तू ईश्वर कब कहता भज मुझको तू मंजिल को पाने के लिए खुद चलना पडता है अवसाद मिटाने के लिए उसको भजना पडता है ..... मिलाप सिंह भरमौरी शुभ संध्या दोस्तो ......
हर बात घूमाना ठीक नहीं कभी सीधी - सी भी कह दो न। कब तक आएं पीछे- पीछे कभी साथ हमारे भी चल दो न। कुछ बातें करेंगें आधी - अधूरी ख़ामोशी -सी कुछ मजबूरी। कुछ पल के साथ की चाहत है कुछ गल...
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