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नजरों से भी कत्ल होते हैं

बिन कटारी  से भी किस्से  खत्म होते हैं । भर न  पाएं कभी जो  ऐसे जख्म  होते है । मत ढूँढो तुम हथियार मेरी चोट का यारो। दुनिया में कुछ नजरों से भी कत्ल होते हैं ।               ------- ...

पसीना आया

देख कर उसको यारो कुछ हमे यूँ आया जैसे कट लग गया हो बिजली का अंदर बैठे हुए सिलसिला आगे बढेगा मौहब्बत का इजहार करने से कुछ नहीं होगा खाव लेने से यूँही बस लेटे हुए      ------ मिलाप सि...

फूलों में खुशबू रहती है

जैसे फूलों में खुशबू रहती है वैसे दिल में  बस तू रहती है मैं जाऊँ बेशक  किसी तरफ तू ही नजर में हर सू रहती है ------- मिलाप सिंह भरमौरी

झरोखे से

इक खास खुशबू है हवा के झोंके में रह न जाएं हम कहीं फिर धोखे में गुजरे होगें जरूर इस गली से वो तू बाहर देख उठकर दिल झरोखे से ----- मिलाप सिंह भरमौरी

Rooth jate hai

कहने को तो बस वो हमसे रूठ जाते हैं उन्हें क्या पता इससे कितने हम टूट जाते हैं नफरत सी होने लगती है हर शय से हमें जीने के  खाव सभी जैसे मन से ही छूट जाते हैं ----- मिलाप सिंह भरमौरी

रख कर हाथ रुखसारों पर

रख कर हाथ रुखसारों पर मेरी याद में खोए होंगे । अंबर से इक बूँद गिरी है शायद वो वहाँ रोए होंगे । गवारा न था हमसे बिछुडना पल भर भी इक तन्हा रहना । मेरे बिन उस उजली छत पर कैसे वो तन...

छत पर मंजा

छत पर मंजा रस्सी वाला । तानी मच्छरदानी बांस से । चांद दिखे अम्बर पर पूरा । आए नाम तेरा हर सांस से । ------ मिलाप सिंह भरमौरी