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सौहार्द

खूब लडे तुड़वाए सिंग समय - समय पर फिर मारेंगे डिंग। फिर भी मिलकर जोतेगें खेत जिसमें फसलें उगेंगी अनेक। तोड़ी हैं मेंडे गर आज तो खुशहाली भी हम ही लाएंगे। जो आज  देख के खुश हो रहे लड़ाई वो कल हमारे सौहार्द से जल जाएंगे। ......मिलाप सिंह भरमौरी 

अदबात

हर दाव से ज्यादा इक शराफत हमपे भारी है। अदावत करोगे हमसे औकात क्या तुम्हारी है। उसपे असर क्या करेगी बता अंजाम की बातें, जिसने तमाम जिंदगी अपनी इक साईकिल पे गुजारी है। .....मिलाप सिंह भरमौरी 

retirement shayari

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 दिल के गुलशन में फूलों की तरह आबाद रहेंगे। आपकी की कमी से हम भी कुछ तो नाशाद रहेंगे। पर भूल न पाएंगे कभी भी आपकी शक्सियत को जनाब हर घड़ी हर पल  आप हमें याद रहेंगे। .... मिलाप सिंह भरमौरी 

मुश्किल

धूल जमी हो पर्दे पर तो  उसको झाड़ा जा सकता है। धूमिल पड़ चुकी परिपाटी को  फिर से निखारा जा सकता है। निराश न हो गर गलत हो गया,  शायद तजुर्बा कच्चा था। कुछ भी नहीं मुश्किल है यहाँ...

दूध से धुला

आज तक का तजुर्बा यह बताता है। यहाँ अपनी कमी हर कोई छुपाता है। वंदा कोई न मिलेगा जो हो दूध से धुला, पर हर कोई खुद को दूध सा दिखाता है।।        .......... मिलाप सिंह भरमौरी

बेकल

बड़ी जिद्द थी तिनकों की कि तूफ़ान के साथ चलेंगें। अब सन्नाटे से ही सहम गए हैं फुफकार पे क्या करेंगे। एक तरफ है अंगारों का पथ एक तरफ शीतल घाटी। देख  रहे  हैं पल -पल बेकल जाकर  ...

कामयाबी

नशा कोई भी हो सरूर आ ही जाता है। उठी हुई नजर में  कसूर आ ही जाता है। सच में... हैरान नहीं हूँ कुछ भी मैं तेरे लफ़्ज़ों पर कामयाबी पे सबको गरूर आ ही जाता है। ........ मिलाप सिंह भरमौरी।